इतिहास

अरवल जिला बिहार राज्य के  ३८ जिलों में से एक जिला है| यह जिला जहानाबाद जिला से अलग होकर  अगस्त २००१ में बनाया गया था |यह जिला नक्सल प्रभावी जिलों के रूप में जाना जाता है|चूंकि यहाँ पर खेतिहर भूमि प्रचुर मात्र मैं उपलब्ध है एवं यहाँ उद्योगों का अभाव है इसीलिए खेती ही इस जिला की मुख्य  आमदनी का स्रोत है|

इस जिला के कुल जनसँख्या 699563 है |जहानाबाद से अलग होने के बाद  इस जिला को एक अनुमंडल एवं पांच प्रखंडों में विभाजित किया गया |

यहाँ मगही एवं हिंदी भाषा मुख्यतः बोली जाती है |

इस जिला की जलवायु गर्मी में बहुत गर्म एवं ठंडक में बहुत ठंडी होती है |

अनुमंडल का नाम -अरवल

प्रखंडों के नाम-अरवल,कलेर,करपी,कुर्था,बंशी

धान,गेहूं एवं मक्का यहाँ की मुख्य फसल है |

पटना जिला का जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा यहाँ से सबसे निकटवर्ती हवाई अड्डा है|

अरवल जिला पटना,जहानाबाद,भोजपुर एवं औरंगाबाद जिला से सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है |

इस जिला का मुख्यालय अरवल प्रखंड  में स्थित है जोकि पटना जिला से ६५ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है|